मत रोओ रामकली की अम्मा
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*- चण्डीदत्त शुक्ल
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मुंह जैसा मुंह नहीं तुम्हारा
फिर क्यों गला फाड़के रोती हो
रामकली की अम्मा?
तुम्हारे रोने से कोई भला नहीं होगा
क्या सोचती हो, हाथी का...
मंगल कामनाएँ
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यूँ ही कुछ पल गुज़र जाएँगे
यह साल भी जाता जाएगा
सदियाँ भी मेरी उँगली में लिपटी
भँवर सी घूमती जाएँगी
और फिर वही सुबह होगी
जब बस स्टॉप पर
धूप के टेढ़े तिरछे साए
...
पश्चिम एशिया के क्रॉस फायर में भारत
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बुधवार को ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेज़ाद ने तेहरान के रिसर्च रिएक्टर
में अपने बनाए नाभिकीय ईंधन के रॉड्स के इस्तेमाल की शुरूआत करके अमेरिका और
इस्रायल...
आसुओ को रोक नहीं पाती हूँ.
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*जब भी मेरे हाथ उठे,*
*ईश्वर की आराधना के लिए,*
*आखों में हमेशा आँसू आये,*
*ख़ुशी कम, गम के आँसू ज्यादा थे.*
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*इतने सरे गम मिले,*
*भूल गयी मैं उन्हें गिनत...
क्रोध
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बनता भयंकर शत्रु-शांति हर-संताप बढाता
मित्रता नाशक आँख वाले को अँधा बनता
भले बुरे का विवेक भी क्रोध ही नष्ट करता
आपसी प्रेम का नाशक, क्षय धर्म का करता
क्र...
जस्टिस काटजू से दिक्कत क्यों ?
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जस्टिस काटजू से एडिटर्स नाराज़ हैं (सभी पत्रकार नहीं)। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
का स्वयंभू झंडाबरदार बीएई एकदम हल्लाबोल की मुद्रा में है . . . पर क्यों-
आखिर - ...
नौटंकी बहुत हुई, अब दसटंकी हो जाए
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हमारे देश की जनता का मिजाज अजीब है। काम-वाम करने वाले उसकी नजर में कद्र के
काबिल नहीं है। वे सब डंडे के यार हैं। जनता का सीधा फलसफा है कि मेहनती को
जितना प...
आत्मघात से बुरी कोई चीज़ नहीं
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—चौं रे चम्पू! पिछले दिनन में कौन सी खबर नै तेरौ ध्यान खैंचौ?—चचा, ख़बरें
तो हर दिन देश की, विदेश की, परियों की, परिवेश की और मुहब्बतों के क्लेश की
सामने आ...
कहानी : पलंग के नीचे
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मेरी जिंदगी तो बस इसी पलंग के नीचे ही खप लेगी, विकास अपने कपड़े झाड़ते-पोछते
चिल्लाया। बस हो गए परेशान, मैं दिनभर न जाने कितनी बार इस पलंग के नीचे घुसती
हूं,...
साधनाजी,उपासनाजी, उर्फ…
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बाबाओँ का हल्ला है। बल्कि दिल्ली के बाबा भीमानंद का विकट कालगर्ली रैकेट
देखकर यह नहीं समझ आ रहा है कि अब बाबाजी का कौन सा मुहल्ला है। सारे मुहल्ले
ही उनके ...
दुनाली की अपील
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अब यह दुनाली दूसरे ईमेल आईडी से संचालित की जाएगी। पहले इसकी स्पेलिंग
dunalee थी जो अब dunaali हो जाएगी। इसलिए मेरे सभी मित्रों से अपील है कि वे
मेरे नए ब्ल...
2 years ago
Thursday, July 10, 2008
स्वागत है
भविष्य के इस नए समाचार माध्यम में आपका स्वागत है। जल्द ही आपको पढ़ने को मिलेंगे यहां देश के वे समाचार जो आपके लिए रखते हैं महत्व। इन समाचारों के पीछे छिपे तथ्य और इनके मतलब भी आप जान सकेंगे।
2 comments:
स्वागत है आप का ....उम्मीद है आप से के हर बार एक अच्छी और ताज़ा खबर मिलेगी ...आप का शुक्रिया ...
aap mere lekhon ko yahan bhi padh sakte hain.......
www.gatyatmakjyotish.wordpress.com
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